menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
परिष्वज्य चिरं कालं तदा भरतसत्तम |  १६   क
सरस्वत्यै वरं प्रादात्प्रीय़माणो महामुनिः ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति