मौसल पर्व  अध्याय ८

वैशम्पाय़न उवाच

स शरक्षय़मासाद्य दुःखशोकसमाहतः |  ६०   क
धनुष्कोट्या तदा दस्यूनवधीत्पाकशासनिः ||  ६०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति