menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवं कृष्णा विराटस्य भार्यया परिसान्त्विता |  ३३   क
न चैनां वेद तत्रान्यस्तत्त्वेन जनमेजय़ ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति