menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ११
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो वाणमय़ं जालं विततं पाण्डवोरसि |  ६१   क
अपश्याम महाराज मेघजालमिवोद्गतम् ||  ६१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति