menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
शिरःकपाले चास्यैव भुञ्जतः पितुरद्य मे |  १२   क
प्राय़श्चित्तं हि नास्त्यन्यद्धत्वाद्य पितरं मम ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति