menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २३
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
दीर्घं विप्रोषितः कालमरण्ये जटिलोऽजिनी |  ३   क
अज्ञातश्चैव लोकस्य विजहार युधिष्ठिरः ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति