menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
उवाच च महात्मानं धर्मराजं युधिष्ठिरम् |  ६   क
व्रूहि धर्मभृतां श्रेष्ठ केनार्थः किं ददामि ते ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति