वन पर्व  अध्याय ३०

युधिष्ठिर उवाच

क्षमा धर्मः क्षमा यज्ञः क्षमा वेदाः क्षमा श्रुतम् |  ३६   क
यस्तामेवं विजानाति स सर्वं क्षन्तुमर्हति ||  ३६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति