menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
गच्छ वीर स्वमावासं स्मर्तव्योऽस्मि कथान्तरे |  ४   क
इहस्थश्च कुरुश्रेष्ठ न निवेद्योऽस्मि कस्यचित् ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति