आदि पर्व  अध्याय ८१

वैशम्पाय़न उवाच

अन्तेषु स विनिक्षिप्य पुत्रान्यदुपुरोगमान् |  ११   क
फलमूलाशनो राजा वने संन्यवसच्चिरम् ||  ११   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति