अनुशासन पर्व  अध्याय ८१

भीष्म उवाच

अवश्यं मानना कार्या तवास्माभिर्यशस्विनि |  २३   क
शकृन्मूत्रे निवस नः पुण्यमेतद्धि नः शुभे ||  २३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति