menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८१
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
ततो गच्छेत राजेन्द्र तीर्थं शतसहस्रकम् |  १३७   क
साहस्रकं च तत्रैव द्वे तीर्थे लोकविश्रुते ||  १३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति