menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ४
chevron_left
chevron_right
कृप उवाच
मय़ा त्वां सहितं सङ्ख्ये गुप्तं च कृतवर्मणा |  १६   क
न सहेत विभुः साक्षाद्वज्रपाणिरपि स्वय़म् ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति