menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८१
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
तत्र सप्तर्षिकुण्डेषु स्नातस्य कुरुपुङ्गव |  ५९   क
केदारे चैव राजेन्द्र कपिष्ठलमहात्मनः ||  ५९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति