menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८१
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
तत्र स्नात्वार्चय़ित्वा च शूलपाणिं वृषध्वजम् |  ७१   क
सर्वपापविशुद्धात्मा गच्छेत परमां गतिम् ||  ७१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति