menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८१
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
दृषद्वत्यां नरः स्नात्वा तर्पय़ित्वा च देवताः |  ७३   क
अग्निष्टोमातिरात्राभ्यां फलं विन्दति भारत ||  ७३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति