उद्योग पर्व  अध्याय ११५

दिवोदास उवाच

एतच्च मे वहुमतं यदुत्सृज्य नराधिपान् |  ५   क
मामेवमुपय़ातोऽसि भावि चैतदसंशय़म् ||  ५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति