menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८१
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
तस्मिंस्तीर्थे नरः स्नात्वा पूजय़ित्वा विभावसुम् |  १६१   क
आदित्यलोकं व्रजति कुलं चैव समुद्धरेत् ||  १६१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति