menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अपराह्णे महाराज सङ्ग्रामे लोमहर्षणे |  २   क
पाञ्चालानां कुरूणां च द्रोणे द्यूतमवर्तत ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति