menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८२
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
ततो गच्छेत राजेन्द्र स्थानं नाराय़णस्य तु |  १०६   क
सदा संनिहितो यत्र हरिर्वसति भारत |  १०६   ख
शालग्राम इति ख्यातो विष्णोरद्भुतकर्मणः ||  १०६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति