menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८२
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
भरतस्याश्रमं गत्वा सर्वपापप्रमोचनम् |  ११३   क
कौशिकीं तत्र सेवेत महापातकनाशिनीम् |  ११३   ख
राजसूय़स्य यज्ञस्य फलं प्राप्नोति मानवः ||  ११३   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति