menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८२
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
पितामहस्य सरसः प्रस्रुता लोकपावनी |  १२९   क
कुमारधारा तत्रैव त्रिषु लोकेषु विश्रुता ||  १२९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति