वन पर्व  अध्याय ८२

पुलस्त्य उवाच

ऋषभद्वीपमासाद्य सेव्यं क्रौञ्चनिषूदनम् |  १३९   क
सरस्वत्यामुपस्पृश्य विमानस्थो विराजते ||  १३९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति