menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८२
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
गङ्गासङ्गमय़ोश्चैव स्नाति यः सङ्गमे नरः |  ३१   क
दशाश्वमेधानाप्नोति कुलं चैव समुद्धरेत् ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति