menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततो वाहू समुच्छ्रित्य निवार्य च सभासदः |  ५१   क
विदुरः सर्वधर्मज्ञ इदं वचनमव्रवीत् ||  ५१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति