menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ८२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तस्य तन्मतमाज्ञाय़ चक्रुरावसथं नराः |  २४   क
क्षणेन चान्नपानानि गुणवन्ति समार्जय़न् ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति