अनुशासन पर्व  अध्याय ८३

भीष्म उवाच

ततोऽग्रतस्तपःसिद्धानुपवेश्य वहूनृषीन् |  १३   क
तोय़प्रदानात्प्रभृति कार्याण्यहमथारभम् ||  १३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति