अनुशासन पर्व  अध्याय ८३

भीष्म उवाच

साक्षात्पितामहो व्रह्मा गुरवोऽथ प्रजापतिः |  २४   क
प्रमाणमुपनीता वै स्थितिश्च न विचालिता ||  २४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति