वन पर्व  अध्याय ८३

नारद उवाच

भीष्मश्च कुरुशार्दूल शास्त्रतत्त्वार्थदर्शिवान् |  ९७   क
पुलस्त्यवचनाच्चैव पृथिवीमनुचक्रमे ||  ९७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति