उद्योग पर्व  अध्याय ८३

वैशम्पाय़न उवाच

तेषामनुमतं ज्ञात्वा राजा दुर्योधनस्तदा |  १२   क
सभावास्तूनि रम्याणि प्रदेष्टुमुपचक्रमे ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति