menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ८४
chevron_left
chevron_right
यय़ातिरु उवाच
ततो दिव्यमजरं प्राप्य लोकं; प्रजापतेर्लोकपतेर्दुरापम् |  १५   क
तत्रावसं वर्षसहस्रमात्रं; ततो लोकं परमस्म्यभ्युपेतः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति