menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९३
chevron_left
chevron_right
करालजनक उवाच
अन्योन्यस्याभिसम्वन्धादन्योन्यगुणसंश्रय़ात् |  १४   क
रूपं निर्वर्तय़त्येतदेवं सर्वासु योनिषु ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति