अनुशासन पर्व  अध्याय ८४

व्रह्मो उवाच

स संसुप्तो जले देवा भगवान्हव्यवाहनः |  २४   क
अपः संसृज्य तेजोभिस्तेन सन्तापिता वय़म् ||  २४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति