menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सततं शरधाराभिः प्रदीप्तं कर्णपावकम् |  १२   क
उदीर्णोऽर्जुनमेघोऽय़ं शमय़िष्यति संय़ुगे ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति