menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अहं ह्येतावुभौ व्रह्मन्कृष्णावरिनिघातिनौ |  ४   क
अभिजानामि विक्रान्तौ तथा व्यासः प्रतापवान् |  ४   ख
त्रिय़ुगौ पुण्डरीकाक्षौ वासुदेवधनञ्जय़ौ ||  ४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति