menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
जनाश्च तद्ददृशिरे रक्षः कौतूहलान्विताः |  २७   क
यदृच्छय़ा निपतितं भूमावङ्गारकं यथा ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति