आदि पर्व  अध्याय ८५

अष्टक उवाच

अन्यद्वपुर्विदधातीह गर्भ; उताहो स्वित्स्वेन कामेन याति |  १२   क
आपद्यमानो नरय़ोनिमेता; माचक्ष्व मे संशय़ात्प्रव्रवीमि ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति