menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
ततो व्राह्मणवेषेण मानुषं रूपमास्थितः |  ११   क
अवतीर्य महीं शक्रस्तं पक्षिणमुवाच ह ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति