उद्योग पर्व  अध्याय ८५

विदुर उवाच

अन्यत्कुम्भादपां पूर्णादन्यत्पादावसेचनात् |  १३   क
अन्यत्कुशलसम्प्रश्नान्नैषिष्यति जनार्दनः ||  १३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति