menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सूर्योदय़े महावाहुर्दिवसश्चातिवर्तते |  ८१   क
तन्न जानामि वार्ष्णेय़ यदि जीवति वा न वा |  ८१   ख
कुरूणां चापि तत्सैन्यं सागरप्रतिमं महत् ||  ८१   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति