menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सुदुष्करं कर्म करोति वीरः; कर्तुं यथा नार्हसि त्वं कदाचित् |  ७५   क
रथादवप्लुत्य गदां परामृशं; स्तय़ा निहन्त्यश्वनरद्विपान्रणे ||  ७५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति