अनुशासन पर्व  अध्याय ८६

भीष्म उवाच

ततस्तं षडधिष्ठानं गर्भमेकत्वमागतम् |  ११   क
पृथिवी प्रतिजग्राह कान्तीपुरसमीपतः ||  ११   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति