menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
माय़ा हि सहजा तेषां वय़ो रूपं च कामजम् |  ६०   क
एवं तद्राक्षसस्याङ्गं छिन्नं छिन्नं व्यरोहत ||  ६०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति