menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यदि कार्ष्णिर्धनुष्पाणिरिह स्यान्मकरध्वजः |  २५   क
तस्मै त्वां विसृजेय़ं वै स त्वां रक्षेद्यथार्जुनः ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति