menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८६
chevron_left
chevron_right
युधिष्ठिर उवाच
यत्र स्थास्यति सङ्ग्रामे पार्षतः परवीरहा |  ४८   क
न द्रोणसैन्यं वलवत्क्रामेत्तत्र कथञ्चन ||  ४८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति