menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
इमां ते तरुणीं भार्यां त्वदाधिभिरभिप्लुताम् |  १७   क
कथं सन्धारय़िष्यामि विवत्सामिव धेनुकाम् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति