menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
रत्नजालपरिक्षिप्तं चित्रमाल्यधरं शिवम् |  ३८   क
राक्षसाधिपतेः स्थानं ददर्श भरतर्षभः ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति