विराट पर्व  अध्याय ४६

भीष्म उवाच

अन्यत्र भारताचार्यात्सपुत्रादिति मे मतिः |  ९   क
व्रह्मास्त्रं चैव वेदाश्च नैतदन्यत्र दृश्यते ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति