menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तस्मात्सर्वानुपासङ्गान्सर्वोपकरणानि च |  ४६   क
रथे कुर्वन्तु मे राजन्यथावद्रथकल्पकाः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति