menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तस्याहं पदवीं यास्ये सन्देशात्तव मानद |  ६   क
त्वत्कृते न च मे किञ्चिदकर्तव्यं कथञ्चन ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति